शिमला। हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों तक तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे चला गया है। लाहुल-स्पीति के कुकुमसेरी में प्रदेश का सबसे कम तापमान माइनस 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मनाली और भुंतर में पारा माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, पालमपुर, बरठीं और नेरी क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है। बीते 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। प्रदेश के 12 प्रमुख मौसम केंद्रों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया, जिनमें ताबो माइनस 8.4, कल्पा माइनस 3.8, सेऊबाग माइनस 2.3, सोलन माइनस 2.2 और रिकांगपिओ माइनस 1.9 डिग्री सेल्सियस शामिल हैं।
नारकंडा और सुंदरनगर में भी तापमान माइनस 0.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री कम बना हुआ है। अधिकतम तापमान में भी एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई है। बजौरा, कुफरी और नाहन में अधिकतम तापमान करीब दो डिग्री तक गिरा है।
शुक्रवार को राजधानी शिमला में हल्के बादल छाए रहे, जबकि प्रदेश के अधिकांश इलाकों में दिन के समय धूप खिली रही। मौसम विभाग ने 15 जनवरी तक मौसम शुष्क और साफ रहने का अनुमान जताया है, हालांकि सुबह-शाम ठंड और पाले का असर बना रहेगा।
ठंड के साथ-साथ कोहरे का असर भी देखने को मिल रहा है। ऊना में घने कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और कुछ ट्रेनें देरी से पहुंच रही हैं। वहीं, मनाली और लाहुल घाटी में बर्फीले मौसम का आनंद लेने के लिए पर्यटकों की आवाजाही जारी है। पर्यटक सिस्सू और कोकसर तक पहुंच रहे हैं, जिससे पर्यटन कारोबार को राहत मिली है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने ठंड और फिसलन को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।