हिसार। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत शनिवार को हिसार और हांसी जिलों के चार प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सबसे पहले वह बरवाला में एसडीजेएम कोर्ट का उद्घाटन करेंगे। बरवाला एसडीजेएम कोर्ट का उद्घाटन करने के बाद सीजेआई नारनौंद में इसी प्रकार के एसडीजेएम कोर्ट का उद्घाटन करेंगे।
दोपहर करीब एक बजे सीजेआई अपने पैतृक गांव पेटवाड़ में आयोजित अभिनंदन समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 2.30 से 3 बजे के बीच वह हिसार में राजकीय पीजी कॉलेज में पूर्व छात्रों के मिलन समारोह में भाग लेंगे।
अधिवक्ताओं को तैयार रहने का सुझाव
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि बदलते अपराध के तरीकों और वैश्विक स्तर पर उभरती नई चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिवक्ताओं को खुद को ग्लोबल लीडर के रूप में तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि ई-लाइब्रेरी, डिजिटल संसाधन और आधुनिक तकनीक से लैस अधिवक्ता न केवल अपनी कार्यक्षमता बढ़ा सकते हैं, बल्कि न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकते हैं।
डिजिटल साक्ष्य और तकनीक आधारित न्याय
हिसार न्यायिक परिसर में शाम को आयोजित समारोह में सीजेआई ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट और तकनीक आधारित अपराधों के मामलों में प्रभावी पैरवी के लिए वकीलों को डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण में सक्षम होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि भारतीय न्यायपालिका ने आधुनिक तकनीक का विश्व में सबसे अधिक उपयोग किया है।
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि केस फाइलिंग से लेकर फैसला आने तक सभी अपडेट ऑनलाइन उपलब्ध होते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान वर्चुअल कोर्ट और डिजिटल माध्यमों से न्याय प्रक्रिया निरंतर जारी रखकर भारत ने वैश्विक स्तर पर मिसाल कायम की। कई देशों ने हमारे डिजिटल न्याय प्रणाली के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए हैं।
सीजेआई ने यह भी बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का 16 भाषाओं में अनुवाद किया जाता है, ताकि अधिवक्ता समय पर उनके अध्ययन के माध्यम से खुद को अपडेट रख सकें।
मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे
नारनौंद क्षेत्र के गांव पेटवाड़ के मूल निवासी जस्टिस सूर्यकांत सीजेआई बनने के बाद दो दिवसीय दौरे पर पहली बार हिसार आए हैं। देर शाम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी हिसार पहुंच गए और शनिवार को पैतृक गांव में होने वाले अभिनंदन समारोह में शामिल होंगे।