चंडीगढ़। पूर्वांचल की मिट्टी की सोंधी खुशबू और आत्मीय मेल-मिलाप से सजी एक यादगार दोपहर शनिवार को कांसल स्थित एक खूबसूरत रिज़ॉर्ट में देखने को मिली, जब पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन और बिहार फाउंडेशन पंजाब एंड चंडीगढ़ चैप्टर की ओर से भव्य लिट्टी–चोखा पार्टी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में ट्राइसिटी—चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला—में रहने वाले बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों ने उत्साहपूर्वक बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्रवासी पूर्वांचलवासियों को एक जगह एकत्र कर आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना था। पारंपरिक व्यंजन लिट्टी–चोखा ने जहां सभी को अपने गांव-घर की याद दिला दी, वहीं आत्मीय संवाद और अपनापन पूरे माहौल में घुला नजर आया। इस गेट-टुगेदर की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के कई मौजूदा और सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही विभिन्न पदों पर कार्यरत कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों और आमजन के बीच खुला संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान और सौहार्दपूर्ण माहौल आयोजन की खास पहचान रहा।
आयोजक बिहार फाउंडेशन पंजाब एंड चंडीगढ़ चैप्टर के चेयरमैन डॉ.रूपेश सिंह और पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट यूके सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि ट्राइसिटी में रहने वाले पूर्वांचलवासी एक-दूसरे से जुड़े रहें।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेने के साथ-साथ पुराने मित्रों से मुलाकात की और नए संबंध भी बनाए। शाम तक चले इस आयोजन में उल्लास, अपनापन और सांस्कृतिक गर्व साफ झलकता रहा। प्रतिभागियों ने इस सफल आयोजन के लिए पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन और बिहार फाउंडेशन पंजाब एंड चंडीगढ़ चैप्टर की सराहना की और इसे यादगार अनुभव बताया।