Hamirpur, Arvind-:केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को समाप्त कर जी राम जी कानून लागू करने के विरोध में हमीरपुर कांग्रेस ने गांधी चौक पर एक दिन का अनशन आयोजित किया। इस आंदोलन में कांग्रेस नेता और मनरेगा से जुड़े लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार की गारंटी प्रदान करती थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे समाप्त कर गरीबों का हक छीना है। अनशन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
कांग्रेस का यह अनशन केवल सांकेतिक नहीं है, बल्कि भविष्य में जन आंदोलन में बदल सकता है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि वे पंचायत स्तर पर जाकर ग्रामीण जनता के साथ संवाद करेंगे और मनरेगा के महत्व को लोगों तक पहुंचाएंगे। यह अभियान प्रदेश भर में रविवार तक चलेगा।मनरेगा संग्राम जिला कॉर्डिनेटर विवेक कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम को मिटाने का प्रयास कर रही है और नाथउराम गोडसे की प्रवृत्ति का अनुसरण कर रही है। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना प्रधानमंत्री स्व. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ग्रामीण स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से शुरू की गई थी। उन्होंने चेताया कि यदि जी राम जी कानून वापस नहीं लिया गया, तो आगामी समय में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुमन भारती ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम गरीब जनता के खिलाफ है। मनरेगा से गांवों में रोजगार मिलता था, लेकिन जी राम जी कानून लागू करने से गरीबों की आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस हाईकमान के निर्देशानुसार 25 फरवरी तक पंचायत स्तर पर लोगों से संवाद करेगी और उन्हें बताया जाएगा कि कैसे केंद्र सरकार ने गरीबों का हक छीना है। सुमन भारती ने चेताया कि यदि सरकार कानून वापस नहीं लेती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और इसका विरोध अधिक उग्र रूप ले सकता है.यह अनशन और विरोध प्रदर्शन ग्रामीण रोजगार और गरीबों के अधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।