हिसार | हरियाणा सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के 12 जिलों के C और D श्रेणी के ब्लॉकों में स्थित MSME इकाइयों को अब सिर्फ 2 रुपये प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले को छोटे उद्योगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, D श्रेणी ब्लॉकों में 40 किलोवाट तक और C श्रेणी ब्लॉकों में 30 किलोवाट तक के कनेक्टेड लोड वाली MSME इकाइयां इस योजना के अंतर्गत आएंगी। सरकार का उद्देश्य पिछड़े औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
निगम ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए MSME उद्यम पंजीकरण प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। यदि कोई अपात्र इकाई गलत तरीके से सब्सिडी का लाभ उठाती पाई जाती है, तो उससे पूरी राशि की वसूली कर MSME विभाग में जमा कराई जाएगी।
उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सस्ती बिजली मिलने से MSME इकाइयों की उत्पादन लागत में कमी आएगी, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। उद्योग संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे छोटे उद्यमों को स्थिरता मिलेगी और राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
यह योजना हरियाणा में MSME सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।