गुरुग्राम। गुरुग्राम में कड़ाके की सर्दी ने पिछले 60 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शहर में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जमाव बिंदु के बेहद करीब है। इतनी भीषण ठंड के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ और सुबह के समय खुले स्थानों में खड़ी गाड़ियों के शीशों पर बर्फ की परत जम गई, वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतों में पाला दिखाई दिया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले 5 दिसंबर 1966 को गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। हाल के वर्षों में भी सर्दी तीखी रही, लेकिन तापमान कभी इतना नीचे नहीं गया। जनवरी 2023 में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री और जनवरी 2024 में 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
कड़ाके की ठंड के कारण सुबह और देर शाम सड़कों पर आवाजाही कम रही। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। हालांकि दिन चढ़ने के साथ तेज धूप निकलने से दोपहर में कुछ राहत जरूर मिली। इस दौरान अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं तथा साफ आसमान के कारण तापमान में तेज गिरावट आई है। अगले दो दिनों तक शीतलहर चलने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी का असर ज्यादा देखने को मिला। खेतों में पड़े पाले से आलू, सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सिंचाई करने, धुआं करने और फसलों को ढकने जैसे एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी है।
चिकित्सकों ने भी लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं कोहरे के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि शीतलहर का असर फिलहाल जारी रह सकता है।