चंडीगढ़। हरियाणा से जुड़े गैंगस्टर नेटवर्क पर एक और बड़ी कार्रवाई में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने महेंद्रगढ़ जिले के गांव गुढ़ा निवासी कुख्यात शार्प शूटर विकास उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर लिया है। लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े इस आरोपी की गिरफ्तारी को हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध के खिलाफ अहम सफलता माना जा रहा है।
विकास उर्फ विक्की लंबे समय से हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र में हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कुल 18 गंभीर मामले दर्ज हैं। कई मामलों में अदालत पहले ही उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी थी।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर गाजियाबाद के लोनी इलाके से पकड़ा गया, जहां वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। हरियाणा के विभिन्न जिलों में हुई आपराधिक वारदातों के बाद से वह लगातार ठिकाने बदल रहा था, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके।
पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2021 में जयपुर जेल में बंद रहने के दौरान विकास की मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से हुई थी। वहीं से उसका आपराधिक नेटवर्क मजबूत हुआ। बाद में रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के साथ तालमेल बनने के बाद वह हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में रंगदारी व हथियारों से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय हो गया।
वर्ष 2023 में गुरुग्राम के भोंडसी क्षेत्र में कौशल गैंग के सरगना कौशल चौधरी की हत्या की साजिश में भी विकास की भूमिका सामने आई थी। इस मामले में हरियाणा एसटीएफ की कार्रवाई में दस शूटर गिरफ्तार हुए थे, जबकि विकास फरार हो गया था। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विकास उर्फ विक्की की गिरफ्तारी से हरियाणा में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि उसे अवैध हथियार कहां से मिलते थे, हरियाणा में किन लोगों को वह रंगदारी के लिए निशाना बना रहा था और उसे पनाह देने वाले स्थानीय मददगार कौन थे। राज्य पुलिस इसे हरियाणा में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी कामयाबी मान रही है।