Shimla, 13 January-:राज्य सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों की सूची में शामिल होने की पात्रता शर्तों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए जरूरतमंद लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब केवल पक्का मकान होने के आधार पर किसी भी परिवार को बीपीएल सूची से बाहर नहीं किया जाएगा। साथ ही आयु मानदंडों में ढील देकर पहले अपात्र ठहराए गए कई परिवारों के लिए दोबारा अवसर उपलब्ध कराया गया है।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी पालरासु ने इस संबंध में सभी उपायुक्तों और खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर संशोधित नियमों की जानकारी दी है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई परिवार विभाग द्वारा निर्धारित अन्य अनिवार्य पात्रता मानकों को पूरा करता है, तो उसे पक्के मकान के आधार पर अपात्र नहीं माना जाएगा। यह निर्णय विशेष रूप से उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद आवास योजनाओं के तहत पक्का मकान प्राप्त कर चुके थे।बीपीएल चयन प्रक्रिया में आयु सीमा को लेकर भी अहम बदलाव किए गए हैं। पहले जहां बच्चों की आयु सीमा 18 वर्ष तक तय थी, उसे बढ़ाकर 27 वर्ष कर दिया गया है। इसके साथ ही वयस्क सदस्यों की आयु सीमा को भी 18 से 59 वर्ष के स्थान पर अब 27 से 59 वर्ष निर्धारित किया गया है। इस संशोधन से उन परिवारों को लाभ मिलेगा, जिनके आवेदन केवल आयु मानदंड के कारण पहले खारिज कर दिए गए थे।आदेश में यह भी कहा गया है कि आयु सीमा के कारण पहले निरस्त किए गए आवेदनों की पुनः समीक्षा की जाएगी। यदि समीक्षा के दौरान कोई अन्य अपात्रता नहीं पाई जाती है, तो संबंधित परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। संशोधित नियमों के तहत पुराने और नए दोनों प्रकार के आवेदन 25 जनवरी तक संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय में जमा करवाए जा सकते हैं।
एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति 15 जनवरी तक पात्र परिवारों की प्रारंभिक सूची तैयार करेगी, जबकि सभी आवेदनों की जांच के बाद अंतिम सूची 31 जनवरी तक अधिसूचित की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रथम चरण में पूर्ण हो चुकी चयन प्रक्रिया और सूचियां यथावत रहेंगी, जबकि आगामी चरणों में सत्यापन और अपील की प्रक्रिया पूर्व निर्धारित अधिसूचनाओं के अनुसार ही संचालित होगी।जिला विकास अधिकारी बिलासपुर यशपाल सिंह परमार और बीडीओ परागपुर अशोक कुमार ने कहा कि नए मानदंडों से वास्तविक रूप से जरूरतमंद परिवारों को बीपीएल श्रेणी का लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।