पानीपत | पानीपत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, न्यूनतम तापमान 4.3°C दर्ज किया गया, जिससे लोग सड़कों और फुटपाथों पर ठिठुरते हुए नजर आए। नगर निगम के रैन बसेरों की स्थिति का स्थानीय मीडिया द्वारा निरीक्षण करने पर पता चला कि आधिकारिक दावों के विपरीत अधिकांश रैन बसेर या तो बंद थे या पूरी तरह से व्यवस्थित नहीं थे।
डेरा बाबा जोध सचियार से लेकर सिविल अस्पताल तक तीन किलोमीटर की दूरी में हर 200 मीटर पर लोग खुले आसमान के नीचे अलाव का सहारा लेते नजर आए, वहीं कुछ लोग फ्लाइओवर के नीचे ठंड से बचने की कोशिश कर रहे थे। नगर निगम ने चार रैन बसेरों के कामकाज का दावा किया है, लेकिन जमीन पर हालात निराशाजनक हैं।
जांच में एक रैन बसेरे पर ताला लगा मिला, जबकि दूसरे में गद्दे, रजाई और पानी का इंतजाम था लेकिन हीटर या अलाव की कोई व्यवस्था नहीं थी। तीसरे रैन बसेरे में गद्दे और रजाई थी, लेकिन महिलाओं के लिए अलग कोई सुविधा मौजूद नहीं थी। सुरक्षा कर्मी मौजूद होने के बावजूद कोई विशेष मदद उपलब्ध नहीं थी।
नगर निगम के जेई सचिन का कहना है कि सभी रैन बसेरों में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं और रोजाना दो-तीन लोग इनका उपयोग करते हैं। लेकिन वास्तविकता में लोग ठंड की मार झेलते हुए खुले में सोने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों ने अधिकारियों से मांग की है कि शीत लहर के दौरान रैन बसेरों को पूरी तरह से संचालित किया जाए और हीटर व गर्म कपड़े जैसी जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को ठंड में जोखिम न उठाना पड़े।