चंडीगढ़। चार जनवरी से दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में सियासी घमासान लगातार जारी है। क्षेत्रीय नेताओं के वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। इस घटनाक्रम की शुरुआत चार जनवरी को नांगल चौधरी के गांव भुंगारका में आयोजित कार्यक्रम से हुई थी, जहां पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव ने बिना किसी का नाम लिए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की राजनीति पर तीखे कटाक्ष किए थे।
इस घमासान ने अब नई दिशा ले ली है। बुधवार को हरियाणा-राजस्थान सीमा के पास झुंझुनू जिले के गांव सोहली पहुंचे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी इशारों-इशारों में जवाब देते हुए राजनीतिक माहौल को और रोचक बना दिया। इस मंच से उन्होंने प्रदेश में सरकारें बनाने में क्षेत्रीय लोगों की भूमिका और उचित सम्मान की मांग दोहराई।
सियासत की गर्मी तब और बढ़ी जब उनकी बेटी और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने रेवाड़ी में आयोजित पत्रकारवार्ता में विरोधियों पर तीखा पलटवार किया। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए आरती राव ने पूर्व मंत्री अभय सिंह यादव की राजनीतिक हैसियत को लेकर उनकी आलोचना की, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनका निशाना दक्षिणी हरियाणा के नेताओं और विशेषकर अभय सिंह यादव की ओर था।
राजनीति में और भी मोड़ तब आया जब महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव और अटेली के पूर्व विधायक सीताराम यादव, जो पहले डॉ. अभय सिंह यादव के कार्यक्रम में उनके समर्थन में नजर आए थे, अब केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के साथ मंच साझा करते दिखाई दिए। दोनों नेताओं ने इससे पहले महेंद्रगढ़ के 148बी स्टेट हाईवे पर गांव जाटवास मोड़ के पास केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया था।
इस पूरे घटनाक्रम ने दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में नए समीकरण और बयानबाजी के दौर को जन्म दिया है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि आगामी समय में क्षेत्रीय गठबंधनों और बयानबाजी का असर विधानसभा स्तर पर भी देखा जा सकता है।