नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तिरुवल्लुवर दिवस के अवसर पर महान तमिल दार्शनिक और कवि संत तिरुवल्लुवर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए अपने संदेश में तिरुवल्लुवर को तमिल संस्कृति का उत्कृष्ट प्रतीक बताया और देशवासियों से उनके कालजयी ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ को पढ़ने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तिरुवल्लुवर ने ऐसे समाज की कल्पना की थी जिसमें सद्भाव, करुणा और सामंजस्यपूर्ण व्यवहार हो। उन्होंने लिखा, “मैं सभी से तिरुक्कुरल पढ़ने का आग्रह करता हूं, जो महान तिरुवल्लुवर की असाधारण बुद्धि और जीवन के गहन दर्शन को दर्शाता है।”
पीएम मोदी ने इस अवसर पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं पर जोर दिया। वीडियो में उन्होंने कहा, “संत तिरुवल्लुवर ने लिखा था कि विपरीत परिस्थितियों में भी हमें कमजोर नहीं पड़ना चाहिए, कठिनाई से नहीं भागना चाहिए और अपने मन को मजबूत करके लक्ष्य को सिद्ध करना चाहिए।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि तिरुवल्लुवर की शिक्षाएं युवाओं को सही दिशा देने और प्रेरित करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि संत ने सैंकड़ों वर्ष पहले ही शौर्य, सम्मान, मर्यादा और विश्वसनीयता को ऐसे गुण बताया, जो किसी भी राष्ट्र या सेना की ताकत और प्रतिबिंब होते हैं।
इस तिरुवल्लुवर दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश न केवल तमिल संस्कृति के महत्व को रेखांकित करता है बल्कि युवाओं और देशवासियों को नैतिक और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक भी करता है।