पंचकूला | पंचकूला नगर निगम चुनावों से पहले की गई वार्डबंदी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा सरकार पर गंभीर संवैधानिक उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस मुद्दे पर मंगलवार को पंचकूला में कांग्रेस के लोकसभा सांसद वरुण चौधरी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम पार्षदों की मौजूदगी में प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
कांग्रेस नेताओं ने जानकारी दी कि उषा रानी एवं अन्य बनाम स्टेट ऑफ हरियाणा एंड अदर्स मामले में माननीय हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। इस याचिका पर अगली सुनवाई 18 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है। कांग्रेस ने इसे जनता के अधिकारों की रक्षा की दिशा में अहम कदम बताया।
संविधान के प्रावधानों की अनदेखी का आरोप
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत के संविधान के भाग 9(ए) में नगरपालिकाओं से जुड़े प्रावधान स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। संविधान के अनुच्छेद 243-क के अनुसार, वार्डों के निर्धारण में जनसंख्या का आधार केवल अंतिम प्रकाशित जनगणना ही हो सकती है। वर्तमान में देश की अंतिम जनगणना वर्ष 2011 की है और पंचकूला नगर निगम के पूर्व चुनाव भी इसी आधार पर कराए गए थे।
इसके बावजूद, कांग्रेस का आरोप है कि हरियाणा सरकार ने नई वार्डबंदी में परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) को जनसंख्या का आधार बना लिया, जो न तो संवैधानिक है और न ही जनगणना का वैकल्पिक दस्तावेज माना जा सकता है।
अनुसूचित जाति की आबादी घटाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2020 में पंचकूला में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 7,00,679 दर्शाई गई थी, जबकि अब इसे करीब 29,212 कम दिखाया गया है। कांग्रेस ने सवाल किया कि जब प्रदेश की कुल जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, तो पंचकूला में, विशेषकर अनुसूचित जाति की आबादी में गिरावट कैसे संभव है।
पार्टी का आरोप है कि फैमिली आईडी अनिवार्य नहीं होने के कारण सभी नागरिकों का इसमें पंजीकरण नहीं हुआ, जिससे जनसंख्या के आंकड़े कृत्रिम रूप से कम दिखाए गए। इसका सीधा असर आरक्षित वार्डों की संख्या पर पड़ा, जो कांग्रेस के अनुसार संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है।
याचिका में ये बनाए गए प्रतिवादी
इस मामले में पार्षद उषा रानी, सलीम खान, परमजीत कौर, गुरमीत कौर, पंकज, संदीप सिंह और नरेश रावल ने संयुक्त रूप से याचिका दाखिल की है। याचिका में हरियाणा सरकार, डायरेक्टर अर्बन लोकल बॉडीज, नगर निगम पंचकूला के कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर पंचकूला, लॉ डिपार्टमेंट हरियाणा और स्टेट इलेक्शन कमिशन हरियाणा को प्रतिवादी बनाया गया है।
कांग्रेस का ऐलान: सड़क से कोर्ट तक संघर्ष
कांग्रेस पार्टी ने साफ शब्दों में कहा कि आरक्षित सीटों की संख्या को गलत और असंवैधानिक आधार पर घटाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर वह न्यायालय के साथ-साथ जनआंदोलन के जरिए भी संघर्ष जारी रखेगी।