शिमला शहर में भीड़भाड़ को करने के लिए भी बनी कार्ययोजना
Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश सरकार ने नए शहर हिम चंडीगढ़ के निर्माण को गति देने के लिए अहम निर्णय लिए हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में चार कैबिनेट सब-कमेटियों की बैठकें आयोजित की गईं, जिसमें शिमला शहर और बद्दी-बरोटीवाला में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने पर चर्चा हुई।
बैठक में कैबिनेट सब-कमेटी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे हिम चंडीगढ़ के निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं 30 दिन के भीतर पूरी करें, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके। हिम चंडीगढ़ के लिए 3400 बीघा भूमि पहले ही हिमुडा को ट्रांसफर कर दी गई है।राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि शिमला शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत अनाज मंडी, टिंबर मार्केट और मैकेनिकल वर्कशॉप्स को शहर के बाहर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि अनाज मंडी के 12 बड़े आढ़तियों और सब्जी मंडी के 200 दुकानदारों के लिए नई जगहों और भवनों की व्यवस्था की जाएगी। उपायुक्त शिमला ने संभावित स्थलों का निरीक्षण कर अंतिम निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जगत सिंह नेगी ने यह भी बताया कि शिमला शहर में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर पार्किंग निर्माण को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें टूटीकंडी, संजौली और लिफ्ट की पार्किंग शामिल हैं। मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है और अधिकारियों को कानूनी सलाह के आधार पर समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में समिति के सदस्य विक्रमादित्य सिंह, राजेश धर्माणी और रोहित ठाकुर भी मौजूद रहे। इसके अलावा नगर निगम शिमला के पूर्व उपमहापौर टिकेंद्र पंवर के सुझाव भी लिए गए। बैठक का उद्देश्य शिमला शहर में यातायात और भीड़भाड़ की समस्याओं का समाधान करना और हिम चंडीगढ़ के निर्माण के लिए तैयारियों को तेज करना था।राजस्व मंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी विभाग 30 दिन में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेंगे, जिससे हिम चंडीगढ़ का निर्माण समय पर शुरू हो सके और शिमला शहर का डिकंजेशन भी सुनिश्चित किया जा सके।