हिसार। अग्रोहा क्षेत्र के नंगथला गांव स्थित हरियाणा ग्रामीण बैंक में 11 जनवरी की रात स्ट्रांग रूम से 27.92 लाख रुपये की बड़ी चोरी पूरी तरह सुनियोजित साजिश का नतीजा निकली। जांच में सामने आया है कि चोरी से पहले आरोपितों ने विस्तृत योजना बनाई थी। इस साजिश की शुरुआत अंबाला जेल में बंद बिहार निवासी आरोपित गौतम और पंजाब निवासी चेतन की मुलाकात से हुई, जहां दोनों के बीच दोस्ती हुई और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनी।
पुलिस के अनुसार 10 जनवरी को गौतम ने चेतन से फोन पर गाड़ी की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद सभी आरोपित तय स्थान पर एकत्र हुए और वाहन से नंगथला गांव पहुंचे, जहां बैंक में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपितों ने इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है।
वारदात के बाद सभी छह आरोपित पंजाब पहुंचे, जहां चोरी की गई रकम का आपस में बंटवारा किया गया। इसके बाद चेतन और गौतम पंजाब में रुके, जबकि अन्य आरोपित अलग-अलग स्थानों पर चले गए ताकि पुलिस से बच सकें। बाद में गौतम भी चेतन से अलग हो गया। स्पेशल स्टाफ की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद तीन आरोपितों कुंदन, गौतम और सूरज को फर्रुखाबाद से गिरफ्तार किया, जबकि चौथे आरोपित चेतन को हिसार से दबोचा गया।
पुलिस ने बताया कि चोरी से पहले बैंक की दीवार तोड़ी गई थी और अंदर घुसकर आरोपितों ने शराब का सेवन भी किया। मौके से शराब की खाली बोतलें और चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद हुए, जो पंजाब से खरीदे गए थे। सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से फोन लोकेशन ट्रेस कर आरोपितों तक पहुंचा गया।
स्पेशल स्टाफ इंचार्ज निरीक्षक पवन कुमार के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपितों को आठ दिन के रिमांड पर लेकर पंजाब, बिहार और पश्चिम बंगाल भेजा गया है, ताकि चोरी की रकम, गाड़ी और औजारों की बरामदगी की जा सके। बाकी दो फरार आरोपितों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।