कैथल। हरियाणा के कैथल जिले में एक प्रेम प्रसंग ने बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मोड़ ले लिया। गांव डीग निवासी अमित और गांव हजवाना निवासी प्रीति ने अलग-अलग दिनों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस त्रासदी में सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि गर्भवती युवती प्रीति का शव उसके परिजनों ने गांव ले जाने से इनकार कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमित ने बुधवार को और प्रीति ने वीरवार को आत्महत्या की। प्रीति करीब तीन माह की गर्भवती थी, ऐसे में उसकी मौत के साथ पेट में पल रहे अजन्मे बच्चे की भी जान चली गई। अमित के शव का अंतिम संस्कार उसके परिजनों ने कर दिया, जबकि प्रीति के शव को परिवार ने स्वीकार नहीं किया।
हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान प्रीति की मां, दो बहनें और बहनों के पति श्मशान घाट में मौजूद रहे। शुक्रवार को करनाल रोड स्थित कैथल के श्मशान घाट में जीवन रक्षक संस्था की ओर से प्रीति का अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस के अनुसार, प्रीति के परिजन अस्पताल तो पहुंचे और शोक भी जताया, लेकिन शव अपने साथ नहीं ले गए। डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें डीएनए जांच के लिए गर्भ से भ्रूण को सुरक्षित निकाला गया है। भ्रूण के सैंपल आगे की जांच के लिए मधुबन लैब भेजे जाएंगे।
यह मामला न केवल प्रेम संबंधों में सामाजिक दबाव और पारिवारिक असहमति की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ऐसे हालात किस तरह दो जिंदगियों के साथ-साथ एक अजन्मे बच्चे की भी जान ले लेते हैं।