फिरोजपुर। गुरुग्राम–अलवर राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा और रात्रि रोशनी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लगाई जा रही हाईमास्ट लाइटों की योजना वाहन चालकों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। नगरपालिका प्रशासन द्वारा डिवाइडर पर लगाए गए हाईमास्ट लाइट के खंभे लाइटें चालू होने से पहले ही लगातार क्षतिग्रस्त किए जा रहे हैं।
खंभे टूटने से जहां ठेकेदार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं आइटीआइ चौक से आगे बलिदानी मीनार तक स्ट्रीट लाइटें अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। परिणामस्वरूप इस हिस्से में रात के समय अंधेरा बना रहता है और नगर पालिका की महत्वाकांक्षी योजना अधर में लटक गई है।
नगरपालिका द्वारा गुरुग्राम–अलवर हाईवे, फिरोजपुर झिरका–बीवां रोड, फिरोजपुर झिरका–तिजारा रोड और भोंड़ रोड पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था के लिए डिवाइडर व सड़क किनारे ऊंचे खंभे लगवाए गए थे। आइटीआइ चौक तक लाइटें पहले ही शुरू हो चुकी हैं, लेकिन आगे के हिस्से में लगाए गए कई खंभों को तेज रफ्तार या लापरवाह वाहनों ने तोड़ दिया।
स्थिति यह है कि टूटी संरचनाओं के कारण नई लाइटें लग ही नहीं पा रही हैं। मजबूरन ठेकेदार के कर्मचारी हाइड्रा मशीन की मदद से क्षतिग्रस्त खंभों को हटाने में जुटे हैं। प्रशासन के अनुसार इनकी जगह नए खंभे लगाए जाएंगे, जिसके बाद ही लाइटों की स्थापना और संचालन संभव हो सकेगा।
नगरपालिका ने बताया कि आइटीआइ चौक से आगे लाइटों के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। संबंधित एजेंसी ही टूटे खंभों को बदलेगी और स्ट्रीट लाइटें लगाकर जल्द से जल्द व्यवस्था को चालू करेगी, ताकि यह व्यस्त राजमार्ग फिर से रोशनी से जगमगा सके।