नई दिल्ली | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के बजट सत्र 2026-27 को संबोधित करते हुए सरकार की प्राथमिकताएं, उपलब्धियां और आगे की योजनाएं स्पष्ट कीं। अपने भाषण में उन्होंने सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास, पूर्वी भारत के विकास, रोजगार सृजन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया।
राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार पिछड़े और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। आज लगभग 95 करोड़ नागरिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, और सरकार का उद्देश्य गरीबों को और अधिक सशक्त बनाना है।
राष्ट्रपति ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचना ऐतिहासिक कदम है। भारत अपना स्वयं का स्पेस स्टेशन और अंतरिक्ष पर्यटन विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
पूर्वी भारत के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बुनियादी ढांचा, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। यह सरकार की नीति है कि क्षेत्रीय असंतुलन को दूर कर समान प्रगति सुनिश्चित की जाए।
अर्थव्यवस्था और रोजगार के संदर्भ में राष्ट्रपति ने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं और यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता सेवा एवं विनिर्माण क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार पुराने नियमों में सुधार कर रही है और ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। महिलाओं और पिछड़े वर्गों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे सामाजिक समानता और समग्र विकास को बल मिलेगा।