गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में सामने आए कथित लव जिहाद मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मुख्य आरोपी ने हिंदू पहचान बताकर एक युवती से प्रेम संबंध बनाए, मंदिर में विवाह किया और बाद में गर्भावस्था के दौरान उस पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
सेक्टर-14 थाना पुलिस ने गांव धुनेला, गुरुग्राम से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान आरिफ उर्फ फर्जी आरव (35) और तारीफ (34) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से युवती को अपने जाल में फंसाया।
बीमा पॉलिसी के जरिए संपर्क, फर्जी पहचान से रचाई शादी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी तारीफ पहले आरिफ के यहां ड्राइवर के तौर पर काम करता था। वर्ष 2022 में आरिफ ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। दोनों ने मिलकर युवती से संपर्क करने की योजना बनाई और बीमा पॉलिसी के बहाने उसे बातचीत में उलझाया।
आरोप है कि आरिफ ने खुद को अविवाहित, हिंदू और ठेकेदारी व्यवसाय से जुड़ा बताया। उसने युवती और उसके परिवार का विश्वास जीतकर विवाह का वादा किया और बाद में सोहना–पलवल रोड स्थित एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया।
गर्भावस्था के बाद बदली पहचान, धर्म परिवर्तन का दबाव
पीड़िता का आरोप है कि विवाह के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे और कुछ समय बाद वह गर्भवती हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपनी असली पहचान मुस्लिम बताते हुए उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने उसके साथ मारपीट की, धमकियां दीं और ब्लैकमेल भी किया। पीड़िता ने आरोपी, उसके परिजनों और सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में हुई थी पहचान
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2022 में वह गुरुग्राम के सेक्टर-15 पार्ट-दो स्थित एक ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में इंश्योरेंस विभाग में कार्यरत थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात तारीफ खान से हुई, जिसने उसे अपने कथित मालिक आरव के रूप में आरिफ से मिलवाया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।