Shimla, 29 January-:अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने यूरोपीय देशों से आयात किए जाने वाले फलों, विशेषकर सेब पर आयात शुल्क घटाकर 20 प्रतिशत किए जाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के सेब बागवानों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है।
राठौर ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही न्यूजीलैंड के साथ सेब आयात पर शुल्क कम कर चुकी है और अब यूरोपीय देशों को भी यही रियायत देना विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों की आर्थिकी को कमजोर करने का प्रयास है, जहां सेब उत्पादन लोगों की आजीविका का मुख्य आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने राजनीतिक लाभ के लिए किसानों और बागवानों के हितों की अनदेखी कर रही है।उन्होंने केंद्र सरकार पर अमेरिका के दबाव में देश की आर्थिकी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की करीब 5 हजार करोड़ रुपये की सेब आर्थिकी पहले से ही संकट में है और किसान-बागवान विरोधी नीतियों के चलते अब इसके अस्तित्व पर और खतरा मंडरा रहा है।राठौर ने आशंका जताई कि अमेरिका के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते की तर्ज पर अन्य देशों के साथ भी ऐसे समझौते किए जा रहे हैं, जिनका सीधा असर हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के सेब उत्पादन और बाजार पर पड़ेगा।उन्होंने केंद्र सरकार से विदेशों से आयात होने वाले फलों पर आयात शुल्क 100 प्रतिशत करने की मांग दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों से किए गए वादों को तुरंत पूरा करना चाहिए।