हिसार | हरियाणा के हिसार जिले के गांव मात्रश्याम में तलाक के बाद पूर्व पत्नी की चाकू से हत्या करने के मामले में अदालत ने आरोपी धर्मबीर उर्फ घोलू को दोषी ठहरा दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निशांत शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। अब दोषी को 31 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले में सदर थाना पुलिस ने 19 मई 2024 को केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता अनूप ने पुलिस को बताया था कि वह मजदूरी करता है और उसकी शादी 6 मई 2024 को गांव सातरोड निवासी सरिता के साथ हुई थी। सरिता की यह दूसरी शादी थी। इससे पहले उसका विवाह गांव मात्रश्याम निवासी धर्मबीर उर्फ घोलू के साथ हुआ था, जिससे उसे करीब डेढ़ साल की एक बेटी भी है। आपसी विवाद के चलते दोनों का तलाक हो गया था।
घटना वाले दिन अनूप मजदूरी पर गया हुआ था। दोपहर के समय आसाराम नामक व्यक्ति ने उसे फोन कर बताया कि धर्मबीर ने सरिता की चाकू मारकर हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही जब अनूप घर पहुंचा तो उसने देखा कि सरिता चूल्हे के पास मृत अवस्था में पड़ी थी।
मामले में अनूप की मां सरस्वती ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वारदात के समय वह कमरे में सो रही थीं। सरिता की चीख सुनकर जब वह बाहर आईं तो धर्मबीर हाथ में चाकू लेकर वहां मौजूद था और उसने सरिता पर ताबड़तोड़ वार किए। जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी ने चाकू दिखाकर धमकाया। डर के कारण वह पड़ोसियों से मदद लेने चली गईं और वापस लौटने पर देखा कि धर्मबीर चाकू लेकर वहां से भाग रहा था।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किए, जिसके बाद न्यायालय ने धर्मबीर उर्फ घोलू को हत्या का दोषी करार दिया। अब मामले में 31 जनवरी को सजा पर फैसला सुनाया जाएगा।