रेवाड़ी | रेवाड़ी नगर परिषद के चुनाव की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो चुकी है। माना जा रहा है कि मार्च या अप्रैल में चुनाव कराए जा सकते हैं। वार्डबंदी से जुड़ी सभी याचिकाएं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद अब चुनावी प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही चेयरपर्सन और पार्षद पद के दावेदार सक्रिय हो गए हैं।
इस बार भी भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल चेयरपर्सन का चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ने की तैयारी में हैं। केंद्र और प्रदेश में सत्ता में काबिज भाजपा में चेयरपर्सन पद की टिकट को लेकर दावेदारों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। इसके विपरीत कांग्रेस में अभी सीमित नाम ही सामने आए हैं। टिकट पाने की होड़ में इच्छुक उम्मीदवारों ने पार्टी नेताओं से संपर्क बढ़ा दिया है और राजनीतिक बैठकों में उनकी मौजूदगी भी लगातार बढ़ रही है।
इस चुनाव में चेयरपर्सन का पद एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि पिछले कार्यकाल में यह पद बीसी-बी महिला के लिए सुरक्षित था। पिछली बार की तरह इस बार भी टिकट वितरण को लेकर भाजपा में अंदरूनी खींचतान के संकेत मिल रहे हैं। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का खेमा इस बार भी मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है और उनके समर्थक टिकट को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं। वहीं, विरोधी खेमे की गतिविधियां फिलहाल सीमित मानी जा रही हैं।
भाजपा में संभावित नामों में पूर्व चेयरपर्सन विनिता पीपल, डॉ. हर्षा देवी, निवर्तमान पार्षद रोहताश वाल्मीकि की पत्नी राजेश रानी, अधिवक्ता कुसुमलता और पूर्व पार्षद अमृतकला टिकानियां शामिल हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से शहरी अध्यक्ष प्रवीन चौधरी की पत्नी निहारिका चौधरी और रेखा दहिया के नाम चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस में टिकट वितरण पर पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव की भूमिका अहम रह सकती है।
चेयरपर्सन के साथ-साथ पार्षद पद के लिए भी चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार वार्डों का दायरा बढ़ने से एक ही वार्ड में कई उम्मीदवार मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। संभावित प्रत्याशियों ने घर-घर संपर्क और जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में रेवाड़ी की राजनीति और अधिक गर्माने की उम्मीद है।