शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा पलटवार किया है। नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा नेता प्रदेश के अहम मुद्दों पर गंभीरता दिखाने के बजाय केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित हैं। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने से हिमाचल प्रदेश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, लेकिन भाजपा नेता इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से सवाल पूछने के बजाय उसका बचाव कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक विशेष श्रेणी वाला राज्य है और यहां की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राज्य की अनदेखी की गई, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।नरेश चौहान ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के दौरान हिमाचल प्रदेश को करीब 37 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला था, जिससे राज्य की आर्थिक व्यवस्था को सहारा मिला। उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने के बाद भी, 15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट में देरी के बावजूद तत्कालीन भाजपा सरकार के समय अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर राज्यों को 11,431 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी।उन्होंने कहा कि आरडीजी की समाप्ति से प्रदेश की वित्तीय स्थिरता, सार्वजनिक सेवाओं और विकास कार्यों पर गंभीर असर पड़ेगा। नरेश चौहान ने केंद्र के बजट को जनविरोधी, किसान विरोधी और हिमाचल विरोधी बताते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की उपेक्षा कर देश का समावेशी विकास संभव नहीं है।