Dharamshala, Rahul-:हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड पौंग डैम झील एक बार फिर विदेशी परिंदों से गुलजार हो उठी है। इस सर्दी में यहां 1 लाख 24 हजार 344 विदेशी पक्षियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा वाइल्ड लाइफ विभाग द्वारा 30 और 31 जनवरी को करवाई गई वार्षिक गणना के दौरान सामने आया।
विभाग ने विभिन्न पर्यावरणीय संस्थाओं और पक्षी विशेषज्ञों के सहयोग से यह सर्वे किया। व्यापक और सटीक गणना सुनिश्चित करने के लिए पूरे अभयारण्य क्षेत्र को 25 अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया था। गणना के दौरान कुल 115 प्रजातियों के विदेशी और प्रवासी पक्षी रिकॉर्ड किए गए।इस बार भी सबसे अधिक संख्या बार-हेडेड गूज की रही। इनकी संख्या 62,293 दर्ज की गई, जो कुल विदेशी पक्षियों का बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा यूरेशियन कूट (12,118), नॉर्दर्न पिंटेल (11,928) और कॉमन टील (7,265) की संख्या भी काफी प्रभावशाली रही।
पौंग झील हर साल सर्दियों में मध्य एशिया, साइबेरिया, तिब्बत, रूस और ट्रांस-हिमालयी क्षेत्रों से आने वाले प्रवासी पक्षियों का प्रमुख ठिकाना बनती है। भोजन की प्रचुरता, सुरक्षित वातावरण और अनुकूल जलवायु के कारण ये पक्षी हजारों किलोमीटर की यात्रा तय कर यहां पहुंचते हैं।
अन्य प्रमुख प्रजातियों में लिटिल कॉर्मोरेंट (4,544), कॉमन पोचार्ड (3,522), ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब (3,322), ग्रे लैग गूज (3,242) और ग्रेट कॉर्मोरेंट (1,663) शामिल हैं। वहीं ब्लैक-हेडेड गल, ब्राउन-हेडेड गल, रिवर टर्न, ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड और गैडवाल जैसी कई अन्य प्रजातियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई।गौर करने वाली बात यह है कि इस बार दुर्लभ प्रजातियों जैसे लेसर व्हाइट फ्रंटेड गूज, फेरुगिनस पोचार्ड, पाइड एवोसेट और ओरिएंटल डार्टर की संख्या भी संतोषजनक रही, जो पौंग वेटलैंड की पारिस्थितिकी सेहत को दर्शाती है।
इस बारे में डीएफओ वाइल्ड लाइफ धर्मशाला संजीव सिंह ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस साल भी 30 जनवरी से 2 फरवरी तक विदेशी पक्षियों की गणना की गई। उन्होंने कहा कि इस बार पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की संख्या उत्साहजनक रही है और गणना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।