चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य में न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार ने उच्चस्तरीय कमेटी और सब-कमेटी का गठन किया है, जिसमें संयुक्त और उप-श्रम आयुक्त, नियोक्ता प्रतिनिधि और श्रमिक संगठन के सदस्य शामिल हैं।
कमेटियों को पड़ोसी राज्यों की मजदूरी दरों की तुलना कर 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर न्यूनतम मजदूरी दरों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। उच्चस्तरीय कमेटी के अध्यक्ष के रूप में संयुक्त श्रम आयुक्त परमजीत सिंह ढुल को नियुक्त किया गया है।
नियोक्ता प्रतिनिधि: गुरुग्राम औद्योगिक संघ के अध्यक्ष जे.एन. मंगला, एफआईसीसीआई एवं एचसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रमन सलूजा, एमएसएमई चैंबर ऑफ कामर्स के वाइस चेयरमैन विनोद गुप्ता, मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद के अध्यक्ष सुखदेव सिंह और फरीदाबाद औद्योगिक संघ के राम अवतार अग्रवाल शामिल हैं।
श्रमिक प्रतिनिधि: सीटू की प्रधान सुरेखा, बीएमएस हरियाणा के प्रधान अशोक कुमार, एटक महासचिव अनिल पवार, इंटक प्रवक्ता नसीब जाखड़, हिंद मजदूर सभा के अध्यक्ष सूर्य देव त्यागी और स्वतंत्र प्रतिनिधि के रूप में बीएमएस क्षेत्रीय संगठन सचिव पवन कुमार।
ईंट भट्ठों के लिए सब-कमेटी: न्यूनतम मजदूरी दरें तय करने के लिए उप-श्रम आयुक्त विश्वप्रीत सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में सब-कमेटी बनाई गई है। इसमें हरियाणा ईंट भट्ठा मालिक संघ के चेयरमैन प्रमोद गुप्ता और अध्यक्ष अजीत यादव नियोक्ता प्रतिनिधि होंगे। श्रमिक प्रतिनिधि में लाल झंडा भट्टा मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव विनोद कुमार और रमेश चंद्र महारानिया शामिल हैं। स्वतंत्र प्रतिनिधि के रूप में बीएमएस के क्षेत्रीय संगठन सचिव पवन कुमार सदस्य होंगे।
सभी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष या उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक रहेगा। यह पहल हरियाणा में मजदूरों के हित और वेतन सुधार के लिए अहम कदम मानी जा रही है।