शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश के बागवानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब राज्य सरकार एमआईएस (मिशन इनिशिएटिव स्कीम) के तहत बागवानों का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में करेगी। इससे पहले, एचपीएमसी सेब खरीद के बाद बागवानों को दवाई, खाद और अन्य औजार दिए जाते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से पूरी होगी।
बागवानी मंत्री जगत नेगी ने बताया कि प्रदेश में एमआईएस योजना के तहत अब तक 154 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, जबकि 115 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया था। उन्होंने कहा कि छोटे बागवानों को प्राथमिकता दी जाएगी और इसके बाद बड़े बागवानों को भुगतान किया जाएगा।जगत नेगी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एमआईएस योजना केंद्र सरकार की थी, लेकिन इसे समाप्त करने से हिमाचल प्रदेश को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने विदेशों से सेब के आयात पर शुल्क बढ़ाने के फैसले पर भी चिंता जताई। नेगी ने बताया कि प्रधानमंत्री जब हिमाचल आते हैं तो हमेशा प्रदेश के सेब की तारीफ करते हैं और आयात शुल्क बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन वास्तविकता में शुल्क घटाने के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के साथ समझौते और अमेरिका के दबाव के कारण शुल्क शून्य किए जाने का उदाहरण भी दिया।
जगत नेगी ने कहा कि इससे हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा और बागवानों को आने वाले समय में कठिन दौर से गुजरना पड़ सकता है।इस नई डीबीटी प्रणाली से बागवानों को समय पर भुगतान मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और कृषि गतिविधियों में तेजी आएगी।