फरीदाबाद। नीमका जेल में बंद संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या के पीछे अयोध्या में निर्मित श्रीराम मंदिर से जुड़ा कनेक्शन सामने आया है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हत्या के आरोपित गैंग्सटर अरुण चौधरी ने शुरुआती पूछताछ में बताया है कि वह अब्दुल रहमान के श्रीराम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश में कथित भूमिका से नाराज था। इसी रंजिश के चलते उसने सुनियोजित तरीके से जेल के भीतर हत्या को अंजाम दिया।
इस सनसनीखेज मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच डीएलएफ को सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच आरोपित अरुण चौधरी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी, जिससे हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और साजिश की परतें खुलने की उम्मीद है।
मंगलवार को सदर बल्लभगढ़ थाना पुलिस ने न्यायिक जांच अधिकारी की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराकर अब्दुल रहमान का शव उसके परिजनों को सौंप दिया। शव लेने के लिए फिरोजाबाद से उसके पिता अबु बकर, चाचा मोहम्मद उस्मान और फूफा आबिद अली नीमका जेल पहुंचे थे।
अब्दुल रहमान के पिता अबु बकर ने बताया कि वे पिछले सप्ताह बुधवार को जेल में उससे मुलाकात कर लौटे थे। इसके बाद शनिवार को अब्दुल रहमान ने फोन पर अपनी मां आसमीन से बात की थी और उस दौरान किसी तरह के विवाद या खतरे की बात नहीं कही थी। पुलिस ने जेल से की गई उसकी फोन बातचीत की रिकॉर्डिंग भी कब्जे में ले ली है। मामले में न्यायिक जांच भी शुरू कर दी गई है।
अक्टूबर 2024 में नीमका जेल लाया गया था अरुण चौधरी
गैंग्सटर अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर स्थित गांव खौर देओनियन का निवासी है। उसका नाम दिसंबर 2023 में सांबा निवासी अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आया था। वर्ष 2023 में पंजाब में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अक्टूबर 2024 में जम्मू-कश्मीर की कठुआ जेल से उसे नीमका जेल ट्रांसफर किया गया था।
जेल सूत्रों के अनुसार करीब 20 दिन पहले ही अरुण चौधरी को नीमका जेल के चक्की सेल में शिफ्ट किया गया था, जहां पहले से अब्दुल रहमान और एक अन्य कैदी शोएब रियाज को रखा गया था। रविवार रात अरुण ने कथित तौर पर पत्थर से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर अब्दुल रहमान की हत्या कर दी।
इस बीच, गैंग्सटर राजीव गोदारा से जुड़े एक इंस्टाग्राम अकाउंट से भी एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें अब्दुल रहमान की हत्या को राम मंदिर को उड़ाने की कथित साजिश का अंजाम बताया गया है। पुलिस इस पोस्ट की भी जांच कर रही है।
एक्यूआइएस से जुड़ा था अब्दुल रहमान
संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) से जुड़ा बताया गया है और वह कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। जांच एजेंसियों के अनुसार, हैंडलर के निर्देश और लोकेशन के आधार पर वह एक मार्च 2025 को अयोध्या से दिल्ली ट्रेन से पहुंचा, फिर बदरपुर बॉर्डर तक बस और उसके बाद ऑटो रिजर्व कर पाली गांव पहुंचा था।
दो मार्च 2025 को उसने पाली गांव के बाहर खेत में बने एक टीन शेड से मिट्टी के नीचे दबाकर रखे गए दो हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर निकाले और अपने बैग में रख लिए। अंधेरा होने के बाद वह अयोध्या लौटने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही एटीएस गुजरात और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे खदेड़कर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे, जिनमें कई भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो पाए गए थे। इनमें श्रीराम मंदिर से जुड़े वीडियो भी शामिल थे। पुलिस का दावा है कि अब्दुल रहमान राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश के तहत फरीदाबाद हैंड ग्रेनेड लेने आया था और चार मार्च को हमले की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया।