यरुशलम/वॉशिंगटन | अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हालिया हवाई हमलों के बाद इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर सराहना की है। नेतन्याहू ने इस सैन्य कार्रवाई को निर्णायक और सही दिशा में उठाया गया कदम बताया, जिससे पूरे क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है।
“ताकत दिखाने के बाद ही मिलती है शांति” – नेतन्याहू
रविवार तड़के एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा: “राष्ट्रपति ट्रंप और मैं हमेशा कहते हैं – ‘शांति ताकत से आती है।’ पहले आपको अपनी ताकत दिखानी होती है, तभी दूसरा पक्ष समझता है। आज अमेरिका ने वही किया है – पूरी ताकत के साथ निर्णायक कदम।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने इज़राइल की सैन्य कार्रवाई में भागीदारी करते हुए ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान में मौजूद परमाणु स्थलों पर हवाई हमले किए। इसे पश्चिम एशिया में अमेरिकी हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है जो मौजूदा संघर्ष को और गहराई दे सकता है।
व्हाइट हाउस का संदेश – ट्रंप ने फिर दिखाया कि वो जो कहते हैं, वो करते हैं
ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद व्हाइट हाउस की ओर से भी स्पष्ट संकेत दिया गया कि यह सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक कड़ा राजनीतिक संदेश है। अमेरिकी हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि ट्रंप ने ईरान को बातचीत और परमाणु समझौते का अवसर दिया, लेकिन जब तेहरान ने हर बार इनकार किया तो ट्रंप ने साफ शब्दों में जवाब दिया।
“अमेरिका पहले ही कह चुका था कि वह ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। अब हमने ये बात कार्रवाई के ज़रिए सिद्ध कर दी है।”
ईरान को रोकने का कदम, ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का हिस्सा
जॉनसन ने इस फैसले को ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” रणनीति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह हर हाल में सुनिश्चित करेगा कि आतंकवाद समर्थक देश के हाथों में परमाणु हथियार न पहुंचे। “ईरान बार-बार अमेरिका को धमकी देता है। यह कार्रवाई इसलिए जरूरी थी ताकि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा सुरक्षित रहे।”
सेना की तारीफ, सुरक्षा की कामना
व्हाइट हाउस ने ऑपरेशन में शामिल अमेरिकी सैनिकों को सलाम करते हुए कहा: “हमारी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली ताकत है। हम उनके साहस को सलाम करते हैं और उनके सुरक्षित लौटने की प्रार्थना करते हैं। ईश्वर अमेरिका की रक्षा करे।”
इस हमले के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। ट्रंप की स्पष्ट चेतावनी और नेतन्याहू का समर्थन इस बात का संकेत है कि आने वाले दिन पश्चिम एशिया के लिए और अधिक तनावपूर्ण हो सकते हैं।