शिमला, संजू-:चार नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के विरोध में सीटू (CITU) के नेतृत्व में शिमला में व्यापक प्रदर्शन किया गया। पंचायत भवन से उपायुक्त कार्यालय तक निकाले गए इस रोष मार्च में करीब दस ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों और श्रमिक संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए श्रमिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
रैली को संबोधित करते हुए सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि नए लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और श्रमिकों को असुरक्षा की ओर धकेलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली हैं, जबकि मजदूर वर्ग की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।प्रदर्शन के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट एवं स्थायी नीति बनाने की मांग उठाई गई। साथ ही मनरेगा योजना को समाप्त करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया गया।विजेंद्र मेहरा ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और जब तक श्रम कानूनों में श्रमिक हितों के अनुरूप संशोधन नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।