मथुरा। कोसीकलां क्षेत्र के गांव कामर निवासी ग्रामीण डाक सेवक रामवीर की अपहरण के बाद हरियाणा के पलवल में जिंदा जलाकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के बाद शव को नहर में फेंक दिया, ताकि पहचान न हो सके। पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू की तो परिजनों ने अंगूठी और पैरों के निशान के आधार पर रामवीर की पहचान की।
जानकारी के अनुसार रामवीर अगरयाला डाकघर में ग्रामीण डाक सेवक ब्रांच पोस्ट मास्टर के पद पर कार्यरत थे। वह सुबह ड्यूटी के लिए निकले थे। करीब साढ़े 11 बजे नाले के पास कार सवार बदमाशों ने उन्हें रोका और जबरन कार में डालकर अगवा कर लिया। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो रामवीर की बाइक नाले के पास खड़ी मिली, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
एसपी ग्रामीण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच टीमों का गठन कर बदमाशों की तलाश शुरू कराई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी रामवीर को हरियाणा के पलवल जिले में आगरा कैनाल नहर के पास ले गए और वहां उसे जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद अधजला शव नहर में फेंक कर फरार हो गए।
पलवल पुलिस ने शव बरामद कर पहचान की प्रक्रिया शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के जरिए बदमाशों का पीछा किया गया, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। बाद में हरियाणा पुलिस के संपर्क पर शव मिलने की पुष्टि हुई, जिसके बाद परिजनों को बुलाकर पहचान कराई गई।
मृतक के भाई अजीत ने शेरगढ़ थाने में तहरीर देकर बताया कि इस हत्या के पीछे पारिवारिक रंजिश की आशंका है। अजीत के मुताबिक उनकी बहन सरोज की बेटी ने भारत तेवतिया उर्फ भरतू निवासी अलावलपुर (पलवल) से परिवार की मर्जी के खिलाफ कोर्ट मैरिज की थी। रामवीर इस शादी से सहमत नहीं था, इसी कारण भारत तेवतिया उससे रंजिश रखता था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि भारत तेवतिया और रणजीत निवासी अलावलपुर ने अपने साथियों के साथ मिलकर रामवीर का अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव जला दिया। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।