शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश में आरजीडी ग्रांट समाप्त होने के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाजपा नेताओं का हिस्सा न लेना कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर के अनुसार चिंता का विषय है। बैठक में कांग्रेस की ओर से कुलदीप राठौर मौजूद रहे।
कुलदीप राठौर ने बताया कि बैठक का उद्देश्य राज्य में आर्थिक स्थिति को सुधारने और आरजीडी ग्रांट बहाल करवाने के लिए सभी दलों के नेताओं की सलाह लेकर प्रधानमंत्री तक इसे पहुंचाना था। बैठक में आम आदमी पार्टी और सीपीआई एम के नेता भी शामिल हुए और अपने सुझाव साझा किए।कुलदीप राठौर ने कहा कि भाजपा नेताओं का बैठक छोड़कर बाहर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह गैर जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। उनका कहना था कि भाजपा शुरू से ही इस मामले में राजनीति कर रही है। यदि बैठक में भाजपा शामिल नहीं होती, तो प्रदेशवासियों को संदेश जाता कि भाजपा गंभीर नहीं है।उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं को मुख्यमंत्री की बात सुननी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने बिना मुख्यमंत्री का पक्ष जाने अपनी ही राय रखी और बैठक छोड़ दी। कुलदीप राठौर ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि हिमाचल जैसे छोटे राज्य में आर्थिक और सामाजिक हितों को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि भाजपा का यह व्यवहार प्रदेश हित के दृष्टिकोण से सही नहीं है और इससे राज्य की साझा राजनीति प्रभावित हो सकती है। कुलदीप राठौर ने कहा कि सभी दलों का मकसद राज्य की बेहतरी होना चाहिए, न कि राजनीतिक ।