हमीरपुर, अरविन्द-:हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज (आरकेजीएमसी) के ऑर्थोपेडिक विभाग ने एक जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 36 वर्षीय मरीज राजन मनकोटिया को नई जिंदगी दी है। एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित राजन के दोनों कूल्हे और दोनों घुटने पूरी तरह जकड़ चुके थे, जिससे उनका चलना-फिरना लगभग असंभव हो गया था।
नादौन क्षेत्र के निवासी राजन दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने अस्पताल पहुंचे थे, जहां ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शिखर डोगरा ने उनकी स्थिति का आकलन कर घुटनों और कूल्हों के प्रत्यारोपण की सलाह दी। आवश्यक दवाइयों की डोज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से लेने के बाद नवंबर 2024 में पहला कूल्हा प्रत्यारोपण किया गया। इसके बाद अप्रैल 2025 में दूसरा कूल्हा, जुलाई 2025 में बायां घुटना और जनवरी 2026 में दायां घुटना सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया।लगभग एक वर्ष के भीतर चार बड़े ऑपरेशन करना चिकित्सा क्षेत्र में एक असाधारण उपलब्धि माना जा रहा है। डॉ. शिखर डोगरा ने बताया कि सर्जरी से पहले मरीज के लिए सामान्य कुर्सी पर बैठना, खड़ा होना और चलना भी बेहद कठिन था। अब उनकी शारीरिक मुद्रा पूरी तरह सीधी हो चुकी है और वे बिना सहारे के चलने में सक्षम हैं।राजन मनकोटिया, जो पहले निजी क्षेत्र में कार्यरत थे, बीमारी के कारण नौकरी छोड़ने को मजबूर हो गए थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की हिमकेयर योजना के तहत उनका पूरा इलाज निशुल्क हुआ, जिससे उन्हें आर्थिक राहत भी मिली। यह सफलता सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता का उदाहरण मानी जा रही