चंडीगढ़, मोनिका रावत I 20 फरवरी से शुरू होने वाला हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र प्रदेश के विकास, जनकल्याण और भविष्य की योजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि आगामी बजट न केवल जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं को पूरा करेगा, बल्कि हरियाणा के गांव, शहर और जिले के समग्र विकास के लिए भी दिशा निर्धारित करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बजट में 248 घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से 77 पूरी हो चुकी हैं और 165 कार्य अंतिम चरण में हैं। आगामी बजट के लिए 13 परामर्श बैठकों में 2,199 सुझाव और एआई चैट बॉट के माध्यम से 12,400 सुझाव प्राप्त हुए। इनमें से चार-पांच हजार सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा।
सैनी ने कहा कि पुलिस, परिवहन, राजस्व, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान सहित 11 विभागों ने अपने बजट का 80 प्रतिशत से अधिक खर्च किया है। इसी तरह, 21 विभागों ने 70 प्रतिशत और 18 विभागों ने 60 प्रतिशत से ज्यादा बजट खर्च किया है।
मुख्यमंत्री ने निवेश और निर्यात पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आगामी समय में रिन्यूएबल एनर्जी, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर क्षेत्रों में लगभग 5,800 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच हरियाणा का कुल निर्यात 19.10 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
खेती और उर्वरक प्रबंधन में सुधार की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल को इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ने से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ी और केंद्र सरकार को 709 करोड़ रुपये की बचत हुई।
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा की जीडीपी वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमान अनुसार 13 लाख 67 हजार 769 करोड़ रुपये रही। पिछले वर्ष 2024-25 में जीडीपी 12 लाख 13 हजार 951 करोड़ रुपये थी, यानी 12.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2024-25 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय तीन लाख 58 हजार 171 रुपये रही, जो राष्ट्रीय औसत 2 लाख 19 हजार 575 रुपये से अधिक है।
दस साल में ढाई गुणा बढ़ी प्रति व्यक्ति आय:
वर्ष 2014-15 में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय 1,47,382 रुपये थी। पिछले दस वर्षों में यह लगभग ढाई गुणा बढ़कर 3,58,171 रुपये हो गई है। इसी अवधि में राज्य सरकार के सभी विभागों का वास्तविक खर्चा 61,904 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,75,801 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष में 16 फरवरी तक खर्चा 1,59,747 करोड़ रुपये हो चुका है, जो मार्च तक लगभग 2 लाख करोड़ रुपये यानी बजट का लगभग 98 प्रतिशत होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट भविष्य के दृष्टिकोण को अपनाते हुए हरियाणा के विकास की नई दिशा तय करेगा और 2047 तक विकसित हरियाणा के रोडमैप को सशक्त बनाएगा।