हिसार | हरियाणा में शहरी स्वच्छता की स्थिति का आकलन करने के लिए हाल ही में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) रैपिड फीडबैक सर्वे कराया गया। इस दो दिवसीय सर्वे में राज्य के 23 शहरी स्थानीय निकायों की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, शौचालय सुविधा, जल निकासी, नागरिक जागरूकता और प्रशासनिक निगरानी सहित आठ महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर स्थिति का मूल्यांकन किया गया।
इस सर्वे में करनाल ने 7.5 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि हिसार और रोहतक ने 7–7 अंक लेकर साझा रूप से दूसरा स्थान पाया। अंबाला सिटी, कैथल, पंचकूला और भिवानी को 6.5 अंक मिले और ये शहर “गुड” श्रेणी में शामिल हुए। वहीं नारनौल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, हांसी, चरखी दादरी और नूंह–मेवात को “नीड अटेंशन” श्रेणी में रखा गया।
सर्वे का उद्देश्य केवल अंक बांटना नहीं था, बल्कि शहरी स्वच्छता की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर भविष्य में ठोस योजना बनाने का आधार तैयार करना था। इस प्रक्रिया में बाजारों, सार्वजनिक शौचालयों, बस स्टैंडों और पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को परखा गया। परिणाम से यह साफ हुआ कि हिसार और रोहतक ने स्वच्छता के क्षेत्र में अच्छे प्रयास किए हैं और उनके काम की गुणवत्ता दूसरे शहरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करती है।
हिसार निगमायुक्त नीरज ने बताया कि नगर निगम के स्तर पर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, निरंतर मॉनिटरिंग और नियमित सफाई अभियान चलाए गए। उनका कहना था कि सर्वे में दूसरे स्थान का परिणाम अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत का प्रमाण है। वहीं मेयर प्रवीण पोपली ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता की संयुक्त कोशिश से हरियाणा के शहरों को साफ, स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
इस सर्वे से राज्य के शहरी निकायों को अपनी ताकत और कमजोरियों का स्पष्ट आईना मिला है, जो आने वाले समय में स्वच्छता सुधार और बेहतर योजना बनाने में मार्गदर्शक साबित होगा।