गुरुग्राम। शहर के प्रमुख खेल परिसर ताऊ देवीलाल स्टेडियम में बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण कार्य पिछले करीब डेढ़ दशक से अधूरा पड़ा है। खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावों के बीच यह परियोजना आज भी उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। स्थिति यह है कि जितना निर्माण कार्य अब तक हुआ, वह भी जर्जर हो चुका है और बारिश के दिनों में ढांचे के अंदर पानी भर जाता है।
चार मंजिला इस बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण वर्ष 2010 में शुरू हुआ था और शुरुआती दौर में काम तेज गति से चला। खिलाड़ियों और खेल संगठनों को उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें आधुनिक इंडोर खेल सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, 2011 में अचानक निर्माण कार्य रोक दिया गया। उस समय केवल अंडरग्राउंड फ्लोर का निर्माण ही हो पाया था। यह परियोजना हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के माध्यम से शुरू की गई थी।
वर्ष 2017 में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के गठन के बाद परियोजना को लेकर अधिकारों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। ताऊ देवीलाल स्टेडियम जीएमडीए के अधीन है, जबकि संरचना तैयार कर सौंपने की जिम्मेदारी एचएसवीपी की बताई जाती रही। दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय के अभाव में निर्माण कार्य ठप पड़ा रहा।
शुरुआत में इस परियोजना की अनुमानित लागत 20 से 25 करोड़ रुपये थी, लेकिन देरी के कारण 2018 में इसे बढ़ाकर 36 करोड़ रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका। वर्ष 2021 में तत्कालीन खेल मंत्री संदीप सिंह ने स्थल का दौरा कर अधूरे निर्माण पर चिंता जताई थी और नए सिरे से काम शुरू करने की बात कही थी, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रगति नहीं हुई।
यदि यह हॉल तैयार होता है तो कुश्ती, जूडो, जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, वॉलीबॉल, ताइक्वांडो, कबड्डी, बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग और अन्य इंडोर खेलों को बड़ी सुविधा मिल सकती है। फिलहाल खिलाड़ी और खेल संगठन इस परियोजना के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।