धर्मशाला, राहुल चावला -:हिमाचल प्रदेश में आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। धर्मशाला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में नियम 102 के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए आरडीजी बहाल करने के प्रस्ताव का विरोध कर भाजपा ने अपना असली चेहरा उजागर कर दिया है।
पठानिया ने कहा कि भाजपा नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कि वे आरडीजी के समर्थन में हैं या इसके विरोध में। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले भी आपदा प्रभावितों को विशेष आर्थिक सहायता देने संबंधी प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया था। इससे साफ है कि भाजपा प्रदेश के अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ी नहीं होती।उन्होंने याद दिलाया कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, तब सीमित संसाधनों और भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए वित्त आयोग से आरडीजी की जोरदार मांग की गई थी। उस समय प्रदेश को 56 हजार करोड़ रुपये आरडीजी के रूप में और 14 हजार करोड़ रुपये जीएसटी क्षतिपूर्ति के तौर पर प्राप्त हुए थे। तब भाजपा को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन अब कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वही मुद्दा विवाद का कारण बन गया है।
पठानिया ने कहा कि भाजपा को जनता को बताना चाहिए कि आखिर कुछ महीनों में उसका रुख क्यों बदल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का विरोध करते-करते भाजपा प्रदेश के हितों को नजरअंदाज कर रही है। केंद्रीय योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि को आर्थिक मदद बताना गलत है, क्योंकि यह प्रदेश का अधिकार है।उन्होंने यह भी कहा कि कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और इसी उद्देश्य से धर्मशाला में पर्यटन निगम का राज्य मुख्यालय स्थानांतरित किया गया है।