ऊना:21 फरवरी-:हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार द्वारा एक अप्रैल से राज्य में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों पर एंट्री टोल टैक्स में वृद्धि की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी आक्रामक हो गई है। इस फैसले के विरोध में भाजपा नेताओं और व्यापारियों ने ऊना जिले के मैहतपुर स्थित पंजाब-हिमाचल सीमा पर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व ऊना सदर से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने किया। चंडीगढ़-धर्मशाला हाईवे पर आयोजित रोष मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल टैक्स वृद्धि के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।विधायक सत्ती ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रमुख प्रवेश द्वारों पर टोल और प्रवेश शुल्क में की गई बढ़ोतरी का सीधा असर सीमावर्ती जिलों के लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में कई करों को समाप्त कर आम जनता को राहत दी गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने इसके उलट शुल्क में भारी वृद्धि कर दी है।उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 33 टोल नाके संचालित हैं, जिनमें से 11 केवल ऊना जिले में हैं। ऊना जैसे सीमांत जिले के लोगों के पारिवारिक और व्यावसायिक संबंध पंजाब से जुड़े हैं। रोज़गार, व्यापार और दैनिक आवागमन के लिए बड़ी संख्या में लोग दोनों राज्यों के बीच आवाजाही करते हैं। ऐसे में बढ़ा हुआ शुल्क आम परिवारों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा।
सत्ती ने कहा कि ट्रक, टैक्सी और अन्य वाणिज्यिक वाहनों पर शुल्क वृद्धि से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर महंगाई पर भी पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन उद्योग पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।उन्होंने सरकार पर राजस्व बढ़ाने के नाम पर जनता पर करों का दबाव डालने का आरोप लगाया और मांग की कि बढ़ी हुई दरों को तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी की तो भाजपा इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी। विधायक ने कहा कि वह इस विषय को विधानसभा के भीतर भी मजबूती से उठाएंगे।