मंडी, धर्मवीर-: चंबा जिला के दुर्गम क्षेत्र पांगी घाटी की पहाड़ियों में पाई जाने वाली प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार किया गया रस, एक नहीं अनेकों बीमारियों का रामवाण ईलाज है। पांगी निवासी विपिन चंद इस देश दुनिया में इस रस का न सिर्फ प्रचार-प्रसार कर रहे हैं बल्कि इससे लोगों को स्वास्थ्य लाभ भी मिल रहा है। इन दिनों विपिन चंद इसे शिवरात्रि मेले के दौरान आयोजित किए जा रहे सरस मेले में प्रदर्शनी एवं के लिए लाए हैं।
विपिन चंद ने बताया कि पांगी की पहाड़ियों में 8 से 12 हजार फीट की उंचाई पर कई ऐसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां हैं जो स्वास्थ्यवर्धक हैं। इन्हीं जड़ी-बूटियों का रस बनाया गया जिसे आयुष विभाग ने जांच-पड़ताल के बाद मान्यता दी है। उन्होंने बताया कि इस रस को बनाने की विधि उन्होंने अपने स्वर्गीय दादा बीरबल ठाकुर से सीखी थी जो पांगी के मशहूर वैद हुआ करते थे। इस रस के सेवन से शुगर, बीपी, नसो की ब्लॉकेज, गुर्दे की पथरी, हृदय रोग, बवासीर, पेट के सभी प्रकार के रोग, गैस्टिक, सर्वाइकल, लीवर, दमा, कब्ज, खाना हजम न होना, मोटापा, थायराइड और यूरिक ऐसिड में लाभ मिलता है।
विपिन चंद के इन प्रयासों से पांगी की महिलाओं को भी स्वरोजार मिल रहा है। उनके साथ आई मीना कुमारी ने बताया कि वह पनिहार नाग देवता स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं और पहाड़ों पर जाकर इन प्राकृतिक जड़ी-बूटियों को एकत्रित करने का काम करती हैं। इससे उन्हें हर वर्ष दो लाख तक की आमदनी हो जाती है। बता दें कि मंडी में शिवरात्रि मेले के दौरान हर वर्ष सरकार द्वारा ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 10 दिवसीय सरस मेले का अलग से आयोजन किया जाता है। यह मेला शहर के बीचों बीच स्थित इंदिरा मार्किट की दत पर सजता है। मेले में ग्रामीण स्तर पर ऐसे उत्पाद बनाने वालों को यहां निशुल्क स्टॉल दिए जाते हैं ताकि वे अपने उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री कर सकें।