शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिलों के उपनिदेशकों, प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को औपचारिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
यह निर्णय कांगड़ा जिले के चनौर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में हुई दर्दनाक घटना के बाद लिया गया है। उपमंडल देहरा के अंतर्गत आने वाले इस स्कूल परिसर में 55 वर्षीय मिड-डे मील वर्कर सुलोचना देवी की हत्या कर दी गई थी। स्कूल कैंपस में हुई इस वारदात ने शिक्षा विभाग और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी थी, जिसके मद्देनजर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
निदेशक, स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों के मुख्य प्रवेश द्वार, पिछला गेट और ऐसे सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जहां से अवैध प्रवेश की आशंका रहती है। कैमरों के माध्यम से स्कूल परिसर की गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जांच एजेंसियों को ठोस साक्ष्य उपलब्ध होंगे।
विभाग ने यह भी माना है कि प्रदेश के अनेक स्कूलों में पुरुष चौकीदार की नियुक्ति नहीं है। वहीं, विद्यालयों में कंप्यूटर लैब, आईटी और आईसीटी लैब सहित अन्य महंगे उपकरण और शैक्षणिक संसाधन मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। ऐसे में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को सुरक्षा की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
निर्देशों के अनुसार सभी स्कूल अपने-अपने संचित विद्यालय निधि से कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल न केवल छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि स्कूल परिसरों में अनुशासन और पारदर्शिता को भी मजबूती प्रदान करेगी।