शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा का बयान चर्चा में आ गया है। राज्यसभा के लिए उनका नाम घोषित न किए जाने पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इसे नाराज़गी का मुद्दा नहीं बनाना चाहते, लेकिन राजनीति में आत्मसम्मान की कीमत बहुत बड़ी होती है।
आनंद शर्मा ने कहा कि उम्मीदवार तय करने का अधिकार पार्टी के जिन नेताओं के पास है, वही इस फैसले के पीछे की असली वजह बता सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने लंबे समय तक राज्य और देश की सेवा की है और उन्हें कई दशकों तक जनता का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला, जो उनके लिए गर्व की बात है।उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में सच बोलना हमेशा आसान नहीं होता, क्योंकि कई बार सच बोलने को भी गलत समझ लिया जाता है। इसके बावजूद वे हमेशा अपनी बात स्पष्ट रूप से रखते आए हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे।कांग्रेस नेता ने कहा कि उनका हिमाचल प्रदेश से भावनात्मक रिश्ता है और वे हमेशा राज्य के लोगों के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे भविष्य में भी जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।इस पूरे मामले को लेकर आनंद शर्मा ने साफ किया कि वे इसे पार्टी हाईकमान तक नहीं ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे किसी से कोई चर्चा करने की भी योजना नहीं बना रहे हैं। उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति के लिए सम्मान और सिद्धांत सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, और वे हमेशा इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।