चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी परियोजनाओं में बजट बढ़ोतरी और निर्माण में होने वाली देरी को रोकने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य में किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट का बजट अधिकारी या ठेकेदार अपनी इच्छा से संशोधित नहीं कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रोजेक्ट के दौरान काम का दायरा बढ़ाना आवश्यक हो, तो इसके लिए नई टेंडर प्रक्रिया अपनाना अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में 10 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को विस्तार के बहाने 20 करोड़ तक पहुंचा दिया जाता है, जिससे बजट घाटे और ‘एनहांसमेंट’ जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
सैनी ने कहा, “हरियाणा में अब बजट एस्टीमेट बढ़ाने का रिवाज खत्म होगा। किसी परियोजना में राशि जोड़ने के लिए पुराने ठेके का उपयोग नहीं होगा, बल्कि नई टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी।”
इस दिशा में सभी विभागों के उच्च अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह कदम तब उठाया जब पूंडरी विधायक सतपाल जांबा ने पाई में कबड्डी अकादमी निर्माण में बजट की कमी का मुद्दा उठाया।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस नए नियम से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी। सरकारी प्रोजेक्ट्स अब समय पर और तय बजट के भीतर पूरे होने की संभावना बढ़ गई है।