पंचकूला। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। लिखित परीक्षा और पर्सनैलिटी टेस्ट के आधार पर जारी इस रिजल्ट में हरियाणा के पंचकूला निवासी एकांश ढुल ने ऑल इंडिया में तीसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
25 वर्षीय एकांश ढुल पंचकूला के सेक्टर-14 के रहने वाले हैं। उनके पिता कृष्ण ढुल भाजपा से जुड़े हुए हैं। खास बात यह है कि एकांश इससे पहले भी दो बार यूपीएससी में चयनित हो चुके हैं। इस बार उन्होंने तीसरी रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यूपीएससी में चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई दी है। उन्होंने खास तौर पर हरियाणा के सफल उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह युवा देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेंगे। मुख्यमंत्री ने पंचकूला के एकांश ढुल के माता-पिता से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी। इस पर कृष्ण ढुल ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित उम्मीदवार विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएं और देश सेवा के साथ समाज के प्रति समर्पण की भावना से कार्य करें।
गौरतलब है कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 की लिखित परीक्षा अगस्त 2025 में आयोजित की गई थी, जबकि इंटरव्यू दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच लिए गए। इस परीक्षा के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) सहित केंद्र सरकार की ग्रुप ‘A’ और ‘B’ सेवाओं में नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है।
वहीं इस परीक्षा में निधि ने ऑल इंडिया रैंक 466 हासिल कर परिवार और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। निधि मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की नाहन तहसील के त्रिलोकपुर गांव की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित मानव मंगल स्कूल से हुई, जबकि सीनियर सेकेंडरी की पढ़ाई उन्होंने सेक्टर-16 चंडीगढ़ के सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की।
इसके बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज (पीजीजीसी) सेक्टर-11 चंडीगढ़ से बीएससी बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई की। यूपीएससी की तैयारी के दौरान वह पंचकूला के सेक्टर-9 स्थित हरे कृष्णा लाइब्रेरी में नियमित रूप से अध्ययन करती रहीं। निधि के पिता धनी राम आईटीबीपी में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात हैं, जबकि उनकी माता जसविंदर कौर गृहिणी हैं।
निधि ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और निरंतर मेहनत को दिया है। उनकी उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।