हमीरपुर, अरविन्द-:केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी से जुड़े नियमों के विरोध में शनिवार को हमीरपुर के गांधी चौक पर सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और सरकार से इन नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान “जय ज्वाला माता” के जयघोष से पूरा गांधी चौक गूंज उठा।
प्रदर्शन में क्षत्रिय, ब्राह्मण, बनिया तथा सामान्य वर्ग से जुड़े कई संगठन एक मंच पर दिखाई दिए। संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सामान्य वर्ग के लोगों की चिंताओं को भी सरकार को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ फैसले ऐसे लिए जा रहे हैं जिनसे सामान्य वर्ग के लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।आयोजकों ने कहा कि लंबे समय से सामान्य वर्ग के संगठनों के माध्यम से विभिन्न मुद्दों को उठाया जा रहा है। उनका कहना था कि सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कानून या नियम के दुरुपयोग की संभावना को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान होना जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान कई मांगें भी उठाई गईं। वक्ताओं ने कहा कि अन्य वर्गों की तरह सामान्य वर्ग के लिए भी आयोग का गठन किया जाना चाहिए, ताकि उनकी समस्याओं और मुद्दों पर संस्थागत स्तर पर विचार हो सके। इसके साथ ही उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक आधार को अधिक महत्व देने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उनका कहना था कि सरकारी दस्तावेजों में जाति उल्लेख की व्यवस्था पर भी पुनर्विचार किया जाना चाहिए, ताकि समाज में समानता की भावना को बढ़ावा मिल सके।आयोजकों के अनुसार, यूजीसी से जुड़े नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग के छात्रों और संगठनों में कुछ चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। उनका कहना है कि इन नियमों में झूठी शिकायतों से बचाव के लिए स्पष्ट प्रावधान होने चाहिए तथा समितियों में सभी वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान राजपूत महासभा हिमाचल प्रदेश के महासचिव जोगिंद्र ठाकुर ने कहा कि इस रैली के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस विषय पर संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया है और उम्मीद है कि सांसद इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति सरकार के रुख को देखते हुए तय की जाएगी।
सामान्य वर्ग संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि गांधी चौक पर आयोजित यह प्रदर्शन यूजीसी से जुड़े नियमों के विरोध में किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधीश के माध्यम से भेजा जाएगा। इसमें मांग की जाएगी कि यूजीसी से संबंधित प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए।उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस विषय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और अंत में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया शुरू की।