Summer Express, भिवानी | मार्च का पहला सप्ताह बीतते ही मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण जिले में बुखार, खांसी, जुकाम और गले में खराश के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित निजी अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं।
मेडिकल कॉलेज की फिजिशियन ओपीडी में रोजाना 400 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ जाती है जबकि दिन में धूप के कारण मौसम अपेक्षाकृत गर्म हो जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में अचानक बदलाव के कारण वायरल बुखार और बैक्टीरियल संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। कई लोग सुबह-शाम की ठंड में पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं पहनते और खानपान में भी लापरवाही बरतते हैं, जिससे वे संक्रमण की चपेट में आसानी से आ जाते हैं। जब तक मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाता, तब तक लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक वायरल बुखार के प्रमुख लक्षणों में गले में खराश, ठंड लगना, खांसी, जुकाम, तेज बुखार, थकान, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द तथा आंखों का लाल होना शामिल है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
सीनियर फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता के अनुसार दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर वायरल फीवर के मामलों को बढ़ा रहा है। वायरल संक्रमण से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और संक्रमण तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकता है।
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि मौसम के इस दौर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, पौष्टिक भोजन करें और ज्यादा गर्म पानी से स्नान करने से बचें। दोपहिया वाहन चलाते समय शरीर को पूरी तरह ढककर रखें और ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से गर्म कपड़े पहनाएं और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल में जांच करवाएं।