Summer Express, चंडीगढ़। पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेजने के आरोप में गिरफ्तार हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला देश की संप्रभुता और अखंडता से जुड़ा बेहद गंभीर मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में जमानत देने से पहले अत्यधिक सावधानी बरतना आवश्यक है।
जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत सामग्री से प्रथम दृष्टया आरोपों का समर्थन होता है। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों में जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता।
मामले के अनुसार, हिसार के सिविल लाइन थाना में 16 मई 2025 को ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उनके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि ‘ट्रैवल विद जो’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाली ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान की यात्रा के दौरान दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी के संपर्क में आई थीं।
जांच में सामने आया कि उक्त अधिकारी की पहचान एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ज्योति का उससे मोबाइल फोन के जरिए संपर्क बना हुआ था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस संपर्क के माध्यम से संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान की आशंका जताई जा रही है, जिसकी गहन जांच जारी है।
राज्य सरकार की ओर से भी जमानत का विरोध किया गया। सरकार का कहना था कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और जांच अभी अहम चरण में है। अदालत ने इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल याचिकाकर्ता को जमानत देने से इनकार कर दिया।