हमीरपुर, अरविन्द -:हमीरपुर शहर के साथ लगते बडू और आसपास के क्षेत्रों में पीलिया फैलने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। पिछले लगभग एक सप्ताह से क्षेत्र में इस बीमारी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार अब तक करीब दो दर्जन से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 12 से 15 तक स्कूली बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि स्वाहल, भाटी, मझोट और आसपास के गांवों में जमली पेयजल योजना के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी पेयजल स्कीम के पास दूषित पानी जमा होने के कारण संक्रमण फैल रहा है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाले गंदे पानी के रिसाव को भी पीलिया फैलने का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। फिलहाल जल शक्ति विभाग और स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच में जुट गए हैं।
स्थानीय निवासी विवेक काका ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बडू और स्वाहल क्षेत्र में पीलिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि कई परिवारों के लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और स्कूल के बच्चे भी बड़ी संख्या में प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि पेयजल स्कीम के पास गंदा पानी जमा होने और औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले दूषित पानी के कारण यह समस्या पैदा हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।राजकीय उच्च विद्यालय स्वाहल के हेडमास्टर संदीप डढवाल ने भी बताया कि स्कूल के 13 छात्र पीलिया से ग्रस्त पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी प्रभावित बच्चों का उपचार मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। स्कूल प्रशासन ने इस संबंध में तुरंत जल शक्ति विभाग को सूचना दी थी, जिसके बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी के सैंपल लिए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस मामले में जल शक्ति विभाग हमीरपुर के एक्सईएन राजेश गर्ग ने बताया कि विभाग को हाल ही में स्वाहल और आसपास के क्षेत्रों में पीलिया फैलने की सूचना मिली है। इसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेयजल स्रोतों से पानी के नमूने एकत्र किए हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे उबला हुआ या साफ पानी ही पिएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।