चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय विभाग की हाई पावर्ड वर्क्स परचेज़ कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों में स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कई कार्यों के टेंडर रेट्स को मंजूरी दी गई।
बैठक में स्वीकृत किए गए कार्यों के टेंडरों की कुल अनुमानित लागत लगभग 90 करोड़ 66 लाख रुपये तय की गई है। वहीं टेंडर प्रक्रिया के दौरान की गई बातचीत (नेगोशिएशन) के जरिए करीब 4 करोड़ 17 लाख रुपये की बचत भी सुनिश्चित की गई है।
बैठक में नगर परिषद गोहाना के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण और उसे प्रोसेसिंग साइट तक पहुंचाने के कार्यों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा नगर परिषद पलवल में ठोस कचरा प्रोसेसिंग और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से जुड़े कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
इसी तरह नगर निगम करनाल में पुराने (लीगेसी) कचरे के बायो-रिमेडिएशन का कार्य, जबकि नगर निगम हिसार के एचएसवीपी सेक्टरों में सड़क सफाई और शहर क्षेत्र में मशीनीकृत तथा मैनुअल सफाई से संबंधित कार्यों के लिए भी टेंडर रेट्स को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मानकों और टेंडर में तय तकनीकी शर्तों के अनुरूप पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों और ठेकेदारों को तय नियमों के अनुसार कार्य करना होगा, ताकि शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। बेहतर कार्य करने वाली एजेंसियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि मानकों के अनुरूप काम न करने वाले कॉन्ट्रैक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।