शिमला, संजू -: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के राजीव गांधी गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, कोटशेरा में छात्रों और शिक्षकों की मिलीजुली अनूठी पहल देखने को मिली है। कॉलेज में अब एक ऐसा म्यूज़ियम तैयार किया गया है, जो छात्रों को किताबों तक सीमित न रखते हुए इतिहास और संस्कृति से जुड़ी प्रैक्टिकल जानकारी प्रदान कर रहा है।
कॉलेज के प्रिंसिपल गोपाल चौहान के मार्गदर्शन में छात्रों ने इस म्यूज़ियम को तैयार किया, जिसमें इतिहास से जुड़ी कई दुर्लभ और रोचक वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। संग्रहालय में 19वीं सदी के सिक्के, भोज पत्र, टांकरी भाषा में लिखे पत्र और हिमाचली संस्कृति से संबंधित कई ऐतिहासिक वस्तुएं शामिल हैं। इन वस्तुओं को देखकर छात्रों को अतीत का प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है और वे इतिहास को केवल किताबों तक सीमित नहीं मानते।कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि केवल किताबों के जरिए इतिहास पढ़ना छात्रों के लिए अक्सर उबाऊ हो सकता है। इस म्यूज़ियम के जरिए छात्रों को देखने, समझने और महसूस करने का मौका मिलता है। इतिहास अब थ्योरी से आगे बढ़कर छात्रों के लिए जीवंत और आकर्षक बन गया है।
राज लक्ष्मी, असिस्टेंट प्रोफेसर, इतिहास विभाग कहती हैं, “छात्र अब ऐतिहासिक तथ्यों को केवल याद नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें वास्तविक वस्तुओं और दस्तावेज़ों के माध्यम से समझ रहे हैं। यह सीखने का एक नया अनुभव है।”
छात्रा रवीना बिष्ट ने बताया, “संग्रहालय ने इतिहास को रोचक और आसान बना दिया है। हम अब किताबों के साथ-साथ प्रैक्टिकल तरीके से भी सीख पा रहे हैं।” वहीं महक और श्रिया ठाकुर जैसे अन्य छात्र भी इसे देखने और सीखने के लिए उत्साहित हैं।
कॉलेज की यह पहल केवल इतिहास के छात्रों तक सीमित नहीं है। अन्य विषयों के छात्र भी इसे देखने आते हैं, जिससे उनके ज्ञान और संस्कृति के प्रति उत्साह में वृद्धि होती है। साहिल कुमार, छात्र, कहते हैं, “हिमाचली संस्कृति और इतिहास को समझना अब आसान और मजेदार हो गया है।”इस नए म्यूज़ियम की सफलता में प्रिंसिपल और प्रोफेसरों की सकारात्मक सोच और पढ़ाई को रोचक बनाने की प्रतिबद्धता मुख्य भूमिका निभा रही है। ऐसे प्रयास छात्रों में ज्ञान के प्रति जिज्ञासा और संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।