हमीरपुर, अरविन्द -:हमीरपुर जिले में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह कार्यशाला जनगणना निदेशालय हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में हमीर भवन में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न प्रशासनिक स्तरों के अधिकारियों ने भाग लेकर डिजिटल जनगणना प्रक्रियाओं की गहन जानकारी हासिल की।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना चार्ज अधिकारियों के रूप में कार्यरत एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर निगम हमीरपुर के अधिकारी तथा अन्य शहरी निकायों के प्रतिनिधि और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को आगामी जनगणना की नई डिजिटल प्रणाली के अनुरूप तैयार करना था, ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी ढंग से संचालित की जा सके।
कार्यशाला के दौरान सहायक निदेशक प्रियांशु तिवारी, नोडल अधिकारी अजय सोलंकी और हिमांशु यादव ने प्रतिभागियों को जनगणना-2027 से जुड़ी तीन प्रमुख डिजिटल प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारियों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी दी गई, बल्कि इन प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास भी करवाया गया, जिससे वे तकनीकी पहलुओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
प्रियांशु तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसके अंतर्गत नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी भरने के लिए स्व-प्रगणना पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, डेटा संग्रहण के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग किया जाएगा, जिसमें जियो-टैगिंग की सुविधा भी होगी। यह एप ऑफलाइन मोड में भी काम करेगा, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी डेटा संग्रहण आसान होगा। साथ ही, सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से अधिकारी रियल टाइम में जनगणना की प्रगति पर नजर रख सकेंगे।उन्होंने आगे बताया कि हमीरपुर जिले में जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 12 मई से 11 जून तक मकानों और भवनों की लिस्टिंग की जाएगी, जबकि 27 अप्रैल से 11 मई तक नागरिक स्वयं अपनी आवासीय जानकारी दर्ज कर सकेंगे। दूसरे चरण में फरवरी 2027 से जनसंख्या से संबंधित सामाजिक और आर्थिक आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से जुड़े लगभग 30 प्रश्नों के आधार पर 34 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जाएंगी, जिन्हें अंतिम रूप देने से पहले संबंधित प्रगणक द्वारा सत्यापित करना अनिवार्य होगा।