इंदौर | इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी की शिलॉन्ग में हुई हत्या अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रहा, बल्कि यह एक जटिल और योजनाबद्ध क्राइम थ्रिलर बन चुका है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हत्या पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी, जिसमें उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई।
शादी से पहले ही बना लिया था हत्या का प्लान
मेघालय पुलिस की पूछताछ में सोनम ने स्वीकार किया है कि राजा की हत्या एक तात्कालिक गुस्से का नतीजा नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश थी। सोनम और राज ने मिलकर पहले ही हत्या की योजना तैयार कर ली थी और शिलॉन्ग की हनीमून ट्रिप को इस साजिश का ज़रिया बनाया गया।
अंतिम संस्कार में भी निभाया गया धोखे का नाटक
इस हत्याकांड में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में राज कुशवाह को राजा रघुवंशी के अंतिम संस्कार में भाग लेते देखा गया है। वह राजा के पिता को सांत्वना देते हुए और कफन उठाते हुए नजर आया। पुलिस के अनुसार, यह सब जनता और परिवार को भ्रमित करने के लिए सोची-समझी रणनीति थी।
फर्जी नाम से प्रेमी से की गई थी बातचीत
जांच में यह भी सामने आया है कि सोनम शादी से पहले ‘संजय वर्मा’ नाम के एक शख्स से 100 से ज्यादा बार बातचीत कर चुकी थी। बाद में खुलासा हुआ कि यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि राज कुशवाह था, जो फर्जी नाम से सोनम के संपर्क में था।
परिवार का आरोप: साजिश में और भी लोग शामिल
मृतक राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने इस पूरे मामले को एक गहरी साजिश बताते हुए आरोप लगाया है कि सोनम और राज केवल मोहरे हैं, जबकि असली साजिशकर्ता अब भी पर्दे के पीछे छिपा है। उन्होंने आरोपियों के नार्को टेस्ट की मांग की है।
नए किरदारों की एंट्री, सस्पेंस बढ़ा
जांच के दौरान लोकेंद्र सिंह तोमर, प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स और सिक्योरिटी गार्ड बलवीर को भी गिरफ्तार किया गया है। इन पर सबूत नष्ट करने और सोनम को संरक्षण देने के आरोप हैं। वहीं, सोनम की करीबी दोस्त अलका की एंट्री ने केस में एक और नया मोड़ ला दिया है।
कई राज्यों की पुलिस जुटी जांच में
मेघालय और मध्य प्रदेश की संयुक्त टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। हर बीतते दिन के साथ यह केस और अधिक उलझता जा रहा है। हत्या, प्रेम, विश्वासघात और धोखे की इस कहानी ने समाज को झकझोर दिया है।