Summer express,फरीदाबाद। शहर में पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए बनाए गए फुटपाथ और साइकिल ट्रैक अब अपने उद्देश्य में विफल साबित हो रहे हैं। दिल्ली-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े चार लेन वाले मार्गों पर पैदल रास्ते और साइकिल ट्रैक तो बन गए हैं, लेकिन इन पर अतिक्रमण के कारण लोग सड़क पर ही चलने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फुटपाथ और साइकिल ट्रैक पर वाहनों की पार्किंग, रेहड़ी, होटल और दुकानों का कब्जा आम बात हो गई है। इसके कारण पैदल और साइकिल चलाने वालों के लिए हर पल खतरे का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह उठता है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यह सुविधा उपयोगी क्यों नहीं हो पा रही।
विशेष रूप से लघु सचिवालय और कोर्ट रोड के सामने स्थिति गंभीर है। यहां ठेकेदार और प्रशासनिक ठेके के कारण वाहन पार्किंग और वसूली की जाती है, जबकि साइकिल ट्रैक और फुटपाथ ठेके में शामिल नहीं हैं। सेक्टर-15-16 की डिवाइडिंग सड़क पर भी फुटपाथ और साइकिल ट्रैक पर अतिक्रमण की स्थिति है।
अधिकारी और ठेकेदार इस मामले में तटस्थ बने हुए हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा प्रभावित हो रही है। सड़क निर्माण में तकनीकी कमियां भी सामने आई हैं। कई जगह ट्रैक सड़क के बीचों-बीच से गुजर रहा है, पेड़ और बिजली के खंभे मार्ग में आ रहे हैं।
फुटपाथ और साइकिल ट्रैक की लंबाई और निर्माण लागत के बावजूद इन्हें सही तरीके से संचालित नहीं किया जा रहा। इसके चलते पैदल और साइकिल सवार सड़क पर चलने को विवश हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।